हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग लड़की को डराकर उससे लाखों रुपये के सोने के गहने हड़प लिए गए। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि ऑनलाइन दोस्ती कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, खासकर तब जब सामने वाला व्यक्ति गलत इरादे से जुड़ा हो।

मामला बराड़ा के गांव सरकपुर का है। यहां एक 16 वर्षीय किशोरी को कुछ युवकों ने पहले दोस्ती के जाल में फंसाया और फिर उसे ब्लैकमेल कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी लड़के ट्यूशन के दौरान लड़की के संपर्क में आए थे। धीरे-धीरे उन्होंने उससे बातचीत बढ़ाई और उसका भरोसा जीत लिया।
कुछ समय बाद उन्होंने लड़की का मोबाइल नंबर ले लिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उससे चैटिंग शुरू कर दी। शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे आरोपियों ने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया।
आरोपियों ने लड़की से दो लाख रुपये की मांग की। जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो उन्होंने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने लड़की और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
इन धमकियों से किशोरी पूरी तरह घबरा गई। डर के कारण उसने किसी से इस बारे में बात नहीं की और खुद ही इस दबाव को झेलती रही। आरोपियों ने उसे यह भी कहा कि अगर उसके पास पैसे नहीं हैं, तो वह घर से गहने लाकर दे दे।
डर और दबाव में आकर किशोरी ने घर की अलमारी से सोने के गहने निकाल लिए। उसने चार सोने की चूड़ियां, गले का एक सेट, बालियां और एक अंगूठी आरोपियों को दे दी। इन गहनों का कुल वजन करीब 6 तोला बताया जा रहा है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब लड़की की मां को किसी शादी में जाने के लिए गहनों की जरूरत पड़ी। जब उन्होंने अलमारी खोली तो गहने गायब थे। इसके बाद जब बेटी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने पूरी सच्चाई बता दी।
परिवार ने तुरंत पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद मुलाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी प्रमोद राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने अपराध को कबूल कर लिया और बताया कि इस वारदात में उनके साथ दो अन्य लोग भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने वंश उर्फ वीरू और निरंजन नामक दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने गहनों को बराड़ा के एक सुनार को बेच दिया था। गहने बेचकर मिले पैसों से उन्होंने दो मोबाइल फोन और एक बाइक खरीदी। पुलिस अब इन सामानों को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल सुनार को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दोनों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए। खासकर बच्चों और किशोरों को इस तरह के खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन जाल में न फंसें।
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