Breaking News
Home / देश / 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से दुनिया को दिखेगा ‘नए भारत’ का सामर्थ्य, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेंगी परेड की सलामी

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से दुनिया को दिखेगा ‘नए भारत’ का सामर्थ्य, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेंगी परेड की सलामी

आज भारत पूरे गर्व और उल्लास के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकासशील भारत की झलक देखने को मिलेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भव्य परेड की सलामी लेकर राष्ट्र को संबोधित संदेश देंगी।

गणतंत्र दिवस परेड न केवल भारत की रक्षा तैयारियों का प्रदर्शन है, बल्कि यह देश की एकता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कहती है। थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियां अनुशासन और शौर्य के साथ मार्च करती नजर आएंगी, वहीं आधुनिक हथियार प्रणालियां और स्वदेशी रक्षा तकनीक ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता को रेखांकित करेंगी। वायुसेना का हवाई प्रदर्शन आसमान में साहस और तकनीकी दक्षता का रोमांचक दृश्य रचेगा।

इस वर्ष के समारोह की खास बात अंतरराष्ट्रीय सहभागिता है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा विशेष अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। उनकी मौजूदगी भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। यह सहभागिता वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।

परेड के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास कार्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत और रंग-बिरंगे परिधान देश की विविधता में एकता का संदेश देंगे। साथ ही, ‘नए भारत’ की थीम पर आधारित प्रस्तुतियां नवाचार, डिजिटल प्रगति, महिला सशक्तिकरण और युवा शक्ति की उपलब्धियों को उजागर करेंगी।

सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच राजधानी में उत्सव का माहौल है। देशभर में स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। हर ओर तिरंगे की शान और राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दे रही है।

77वां गणतंत्र दिवस भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की मजबूती और नागरिकों की सामूहिक आकांक्षाओं का उत्सव है। कर्तव्य पथ से उठती यह गूंज दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत परंपरा और प्रगति—दोनों को साथ लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

Check Also

पुणे की घटना पर देशभर में आक्रोश: मासूम के साथ दरिंदगी ने उठाए सुरक्षा और न्याय पर सवाल

महाराष्ट्र के Pune जिले में चार साल की बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना ने …

देश में गहराता जल संकट: घटते जलाशय, सूखती नदियां और बढ़ती चिंताएं

भारत में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट की तस्वीर और गंभीर होती …

पश्चिमी विक्षोभ का असर: देशभर में बदला मौसम, कहीं बर्फबारी तो कहीं तूफान और बारिश

देश में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसका असर लगभग …