डेस्क : यूं तो डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते हैं लेकिन डॉक्टर की लापरवाही से जब किसी की जान चली जाती है तो लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिलता है। सोमवार को बेगूसराय के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा सुई लगाने के तुरंत बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। सहायक थाना लोहियानगर इलाके में घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया और क्लिनिक में तोड़फोड़ कर दी।

- जेन ज़ी (Gen Z) से शिकायत नहीं, सवाल उनके संस्कार और ज़िम्मेदारी से है…
- दरभंगा में NOVA HOSPITAL का भव्य शुभारंभ, किडनी व यूरोलॉजी मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
- विजन सिविल सर्विस सेंटर में BPSC, दरोगा, शिक्षक और असिस्टेंट प्रोफेसर की नई बैच व टेस्ट सीरीज
- ट्री मैन सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्र और डॉ. प्रदीप वर्मा को मिला ‘पर्यावरण प्रहरी वृक्ष मित्र सम्मान’, बरगद बचाओ महाअभियान ने पकड़ी रफ्तार
- फेविकोल की आड़ में कंटेनर से 1309.32 लीटर विदेशी शराब बरामद, मद्य निषेध टीम की बड़ी कार्रवाई
आक्रोशित परिजनों का कहना है कि आधुनिक दौड़ में डॉ. भगवान नहीं बल्कि हैवान बन चुके हैं। मासूम की जान जाने से उसके परिजनों में काफी रोष व्याप्त है।

मृतक की पहचान रिफाइनरी थाना क्षेत्र के महना निवासी अखिलेश कुमार की पुत्री के रूप में की गयी है। पीड़ित परिजनों ने बताया कि तीन-चार दिनों से खांसी सर्दी और बुखार से बच्ची पीड़ित थी जिसके बाद वे डॉक्टर को दिखाने क्लिनिक में आए थे।

बच्ची की हालात बिगड़ता देख वे बार-बार डॉक्टर से बच्ची के जान बचाने की गुहार लगाने लगे लेकिन डॉक्टर ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। जिसके बाद मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया। जैसे ही बच्चे की मौत हुई वैसे ही परिजनों ने क्लीनिक पर पहुंचकर जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान क्लीनिक में जमकर तोड़फोड़ की गयी। इस घटना के बाद क्लीनिक में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।

लोहिया नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले को किसी तरह शांत कराया और शव को परिजनों के हवाले कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों के द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !