डेस्क : सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक विकास हेतु काम करनेवाली संस्था मिथिलालोक फाउंडेशन द्वारा सोमवार को दिल्ली में भगवान राम की पत्नी देवी सीता के जन्मदिन पर एक भक्तिमय मैथिली गीत का लोकार्पण किया गया।

इस भक्ति गीत को जाने-माने लेखक डॉ बीरबल झा ने विशेष अंदाज़ में लिखा है। गौरतलब है कि 2017 में डॉ झा को यंगेस्ट लिविंग लीजेंड ऑफ़ मिथिला से नवाजा गया था।
इस भक्ति गीत को सीतामढ़ी की बेटी एवं गायिका स्मृति ठाकुर ने गाया है। सीतामढ़ी, मिथिला का वह हिस्सा जहाँ देवी सीता का जन्म त्रेता युग में हुआ था, जिसका उल्लेख महाकाव्य रामायण में बखूबी मिलता है।
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वैशाख शुक्ल पक्ष नवमी तिथि जिसे ‘जानकी नवमी’ के रूप में में जाना जाता है के अवसर पर बोलते हुए मिथिलालोक फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं मशहूर गीतकार डॉ बीरबल झा ने कहा “मिथिला मेरे दिल में है और इसलिए मुझे संतोष और आनंद की गहरी भावना प्राप्त होती है जब मैं इस क्षेत्र जहां मेरा जन्म हुआ था केलिए कुछ करता हूं ।
यह विशिष्ट गीत रामायण काल की याद दिलाते हुए महिलाओं के त्याग, तपस्या और सहिष्णुता के प्रतिक देवी सीता के जन्म को चित्रित करता है।

गौरतलब है कि डॉ झा ने दर्जनो गीत की रचना की है जिसे दुनिया भर में व्यापक श्रोता मिले हैं और उनकी लेखनी को खूब सराहा गया है । यहां तक कि दिल को छूने वाले उनके गीत ‘क्या गुनाह था मेरे बच्चे का” को अकेले यूटयुब पर थोड़े ही समय में लगभग 75 लाख व्यूरशिप का रिकॉर्ड बन गया है।
डॉ झा के कुशल नेतृत्व में चलाये गए ‘पाग बचाओ अभियान’ को जबरदस्त सामाजिक समर्थन मिला। परिणाम स्वरुप, वर्ष 2017 में मिथिला की सांस्कृतिक प्रतिक चिन्ह पाग पर केंद्र सरकार ने डाक टिकट जारी की। इस सफल अभियान से डॉ बीरबल को मिथिला के सांस्कृतिक आंदोलन में एक नयी पहचान मिली। तबसे उन्हें भारत के ‘पागमैन’ के रूप में जाना जाता है। डॉ झा का ‘पागगीत’ मिथिला सांस्कृतिक आंदोलन और मैथिली संगीत के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।

2017 में ही डॉ झा के नेतृत्व में आयोजित ‘चलू सौराठ सभा अभियान’ एवं इसके गीत ‘प्रीतम नेने चलू हमरो सौराठ सभा यौ’ का ही परिणाम था कि उस वर्ष 700 साल पुरानी सामूहिक शादी ठीक करने की परम्परा को पुनर्जिबित किया गया था । यह गीत वर-वधु के चयन प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी की पेशकश करता है। इतिहास गवाह है कि बालिग लड़की को अपने वर चुनने का अधिकार सदियोँ पहले सीता स्वयंवर से ही मिला था।
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