हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से सामने आया एक सनसनीखेज मामला विदेश भेजने के नाम पर हो रही ठगी और मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क की पोल खोलता है। बेहतर भविष्य की उम्मीद में घर से निकले तीन युवक—मोहन लाल, बहादुर सिंह और मनदीप—खुद को उज्बेकिस्तान में बंधक और प्रताड़ना झेलते हुए पाए। इस पूरी घटना ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

परिजनों के अनुसार, इन युवकों को स्पेन भेजने का लालच देकर एक एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी और उनके साथियों ने अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में हर युवक से करीब 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए गए। एजेंट ने भरोसा दिलाया कि बाकी रकम स्पेन पहुंचने के बाद ली जाएगी। परिवारों ने भी अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में यह रकम दे दी।
16 फरवरी को युवकों को उज्बेकिस्तान भेजा गया। वहां पहुंचते ही एयरपोर्ट से कुछ अज्ञात लोग उन्हें अपने साथ ले गए। इसके बाद उनका परिवार से संपर्क टूट गया। कुछ समय बाद जब फोन आया, तो सच्चाई जानकर परिवार के होश उड़ गए।
बताया गया कि तीनों युवकों को किसी गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया था। उनके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए परिवारों को वीडियो दिखाया, जिसमें युवक डरे-सहमे और घायल नजर आ रहे थे। इसी दौरान 45 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो उनकी जान ले ली जाएगी।
इस धमकी से घबराए परिवारों ने किसी तरह पैसे का इंतजाम किया और 20 फरवरी को पूरी रकम आरोपियों तक पहुंचा दी। पैसे मिलने के अगले दिन तीनों युवकों को छोड़ दिया गया। बाद में वे किसी तरह सुरक्षित अपने घर लौट आए।
घर लौटने के बाद जब परिवार ने एजेंट से पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उसने साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला थाना कृष्णा गेट में दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि अपहरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है।
यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो विदेश जाने के लिए बिना जांच-पड़ताल के एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं। अक्सर ऐसे एजेंट बड़े-बड़े सपने दिखाकर लोगों को फंसा लेते हैं और फिर उन्हें खतरनाक हालात में छोड़ देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने से पहले एजेंट की वैधता, लाइसेंस और रिकॉर्ड की पूरी जानकारी जरूर लें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
फिलहाल तीनों युवक सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं, लेकिन उनके साथ जो कुछ हुआ, वह एक डरावना अनुभव बनकर रह गया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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