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3 कार्यपालक सहायकों की नौकरी गई, RTPS कार्य में लापरवाही पर डीएम आनंद शर्मा ने की संविदा रद्द

मधुबनी। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और सरकारी सेवाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। आरटीपीएस (Right to Public Services) के संचालन में लापरवाही बरतने तथा लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के मामले में जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर तीन पंचायत कार्यपालक सहायकों की संविदा रद्द कर दी गई है।

 

जिलाधिकारी मधुबनी आनंद शर्मा

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन पंचायत कार्यपालक सहायकों की संविदा समाप्त की गई है, उनमें रवि कुमार, पंचायत कार्यपालक सहायक, पंचायत महपतिया, प्रखंड मधेपुर; संतोष कुमार यादव, पंचायत कार्यपालक सहायक, पंचायत भखराईन, प्रखंड मधेपुर; तथा खुशबू कुमारी, पंचायत कार्यपालक सहायक, पंचायत शाहपुर, प्रखंड बेनीपट्टी शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध आरटीपीएस सेवा के संचालन में लापरवाही तथा लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।

जिला प्रशासन द्वारा पहले इन पंचायत कार्यपालक सहायकों को कारण पृच्छा (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे उनके कार्य में लापरवाही तथा अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर इन तीनों कर्मचारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद पुनः उन्हें कारण पृच्छा समर्पित करने का निर्देश दिया गया, ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।

हालांकि दूसरी बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी इन पंचायत कार्यपालक सहायकों की ओर से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। प्रशासन के अनुसार यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि संबंधित कर्मियों द्वारा अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता बरती जा रही थी और उच्चाधिकारियों के आदेशों की भी अनदेखी की जा रही थी। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, मधेपुर द्वारा जिला प्रशासन को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया कि रवि कुमार और संतोष कुमार यादव न तो अपने पंचायत कार्यालय में कार्यरत पाए गए और न ही प्रखंड कार्यालय में उपस्थित थे। इन दोनों के बारे में यह भी जानकारी दी गई कि वे काफी समय से कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे और उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जा रहा था।

 

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वहीं दूसरी ओर, प्रखंड विकास पदाधिकारी बेनीपट्टी तथा प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी बेनीपट्टी द्वारा संयुक्त रूप से जिला प्रशासन को दिए गए प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि खुशबू कुमारी, पंचायत कार्यपालक सहायक, ग्राम पंचायत शाहपुर लगभग छह महीनों से कार्यालय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं। इतने लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के बावजूद उनके द्वारा किसी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण भी विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत कार्यपालक सहायकों की भूमिका ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को उपलब्ध कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से आरटीपीएस के अंतर्गत नागरिकों को विभिन्न प्रमाण पत्रों और सरकारी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से पूरी की जाती है। ऐसे में यदि संबंधित कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं या कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। प्राप्त प्रतिवेदनों और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि संबंधित पंचायत कार्यपालक सहायकों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी अपनी उपस्थिति और कार्य के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं दिखाई गई। इसके अलावा कारण पृच्छा का जवाब भी समर्पित नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने पद के प्रति गंभीर नहीं हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार यदि कोई कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के 15 दिन या उससे अधिक अवधि तक अनुपस्थित रहता है, तो उसके पद को रिक्त घोषित किया जा सकता है तथा संविदा के आधार पर नए कर्मी के नियोजन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है। इसी नियम के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने रवि कुमार, संतोष कुमार यादव तथा खुशबू कुमारी की पंचायत कार्यपालक सहायक के रूप में की गई संविदा को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही संबंधित पंचायतों में रिक्त पदों पर नए पंचायत कार्यपालक सहायकों के नियोजन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई है, ताकि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों और आरटीपीएस सेवाओं का संचालन बाधित न हो।

जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी कर्मियों का जिम्मेदार और अनुशासित होना आवश्यक है। यदि कोई कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतता है या नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में की गई कार्रवाई का उद्देश्य केवल अनुशासन स्थापित करना ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि आम जनता को सरकारी सेवाएं समय पर और सुचारु रूप से मिलती रहें।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी द्वारा अपने कार्य में लापरवाही या अनधिकृत अनुपस्थिति की शिकायत प्राप्त होती है, तो उस पर भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित निगरानी करें और यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाए तो तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे अन्य कर्मचारियों को भी यह संदेश जाएगा कि अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने या बिना सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि आरटीपीएस सेवा के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न प्रकार की सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इस प्रणाली से जुड़े सभी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और बिना किसी परेशानी के प्राप्त हों।

इस कार्रवाई के बाद संबंधित पंचायतों में आरटीपीएस सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। इसके साथ ही रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस प्रकार जिला प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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